- आज अँधेरा है बहुत और बादल भी नहीं है...
- जी करता है रोलूँ, जिंदगी तुझपे हँसी आता है...
- मुश्किलें आसां हो गई, जबसे परेसां परेसां हो गई...
- अब यूँ न मोहब्बत को रुसवा करो
यूँ मेरी चाहतों का न शिकवा करो
न मिट पायेगा न मिटाया करो
उस लम्हें का न याद दिलाया करो
रोज खिलती रहो न मुड़झाया करो
अपनी खुशबुओं से हमें नहलाया करो - कुछ भी छुप-छुप के करना और छुपा-छुपा के करना सही पर बुरा है...
- सारे परेशानीयों की वजह है, सही ज्ञान का अभाव है...
- सभ्यता और अस्तित्व के फर्क को हम आप कैसे देखते हैं...
- जीवन के लिए भोजन, शरीर और वाह्य जगत का ज्ञान होना जरुरी है...
- हो कदम कदम पे अगर कातिल तो समझीये दुश्मन कोई और नहीं धर्म के शिवा...
शनिवार, 2 सितंबर 2017
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